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What is Loan Moratorium in Hindi

| Monday, 05 July 2021, 15:12
| India

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर लोगों के लिए एक राहत उपाय के रूप में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टर्म-लोन और क्रेडिट कार्ड पुनर्भुगतान पर तीन महीने की मोहलत दी। ऋण देने वाले संस्थानों को इस अधिस्थगन योजना (Loan Moratorium Scheme) का विकल्प चुनने वाले अपने ग्राहकों की ईएमआई को स्थगित करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन मोराटोरियम क्या है और यह कैसे काम करता है? चलो एक नज़र डालें।

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| Representational Photo, Credit: bankbazaar.com
एक अधिस्थगन गतिविधि का एक अस्थायी निलंबन है जब तक कि भविष्य की घटनाओं के निलंबन या संबंधित मुद्दों को उठाने के वारंट को हल नहीं किया जाता है। अस्थायी वित्तीय कठिनाइयों के जवाब में अक्सर अधिस्थगन अधिनियमित किया जाता है।



मोराटोरियम कैसे काम करता है?



सामान्य दिनचर्या को बाधित करने वाले संकट की प्रतिक्रिया में अक्सर स्थगन प्रभावित होता है। भूकंप, बाढ़, सूखा या बीमारी के प्रकोप के बाद, सरकार या केंद्रीय बैंक द्वारा कुछ वित्तीय गतिविधियों पर आपातकालीन रोक दी जा सकती है। सामान्य स्थिति लौटने पर इसे हटा लिया जाता है।

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मोराटोरियम का उदाहरण क्या है?

कोरोनावायरस महामारी: उपन्यास वायरस (कोविड -19) का प्रकोप, जिसने 180 से अधिक देशों में एक लाख से अधिक लोगों को संक्रमित कर दिया, कई देशों ने अपने कस्बों और शहरों में तालाबंदी लागू कर दी। अत्यधिक संक्रामक बीमारी ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया और अर्थव्यवस्थाओं को मंदी की ओर ले गया। 23 मार्च को भारत सरकार ने इस वायरस से निपटने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया था। इस कदम से बेहिसाब नौकरी चली गई, उड़ानें, ट्रेन और बस सेवाओं के साथ-साथ व्यवसायों पर भी असर पड़ा। स्थिति का जायजा लेते हुए और अस्थायी वित्तीय कठिनाई के जवाब में, 27 मार्च, 2020 को आरबीआई ने कहा कि बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित सभी उधार देने वाले संस्थानों को अपने कर्जदारों को टर्म लोन पर तीन महीने की मोहलत देनी होगी। स्थगन 1 मार्च और 31 मई, 2020 के बीच देय सभी किश्तों के भुगतान के लिए था। RBI के अनुसार, अधिस्थगन के तहत आस्थगित किश्तों में उक्त अवधि के बीच गिरने वाले निम्नलिखित भुगतान शामिल होंगे:

क) मूलधन और/या ब्याज घटक;
बी) बुलेट चुकौती;
ग) समान मासिक किश्तें (ईएमआई);
डी) क्रेडिट कार्ड बकाया।

यस बैंक स्थगन: 5 मार्च, 2020 को आरबीआई ने यस बैंक पर 30 दिन की मोहलत लगाई। स्थगन की शर्तों के तहत, इस अवधि के दौरान बैंक के ग्राहकों द्वारा जमा निकासी की सीमा 50,000 रुपये प्रति व्यक्ति थी।

यह भी पढ़ें: फ़ोन पे से तुरन्त लोन कैसे मिलता है? - Phone-Pe Se Instant Loan Kaise Milta Hai in Hindi

एक अधिस्थगन अवधि क्या है?



एक अधिस्थगन अवधि एक ऋण अवधि के दौरान का समय है जब उधारकर्ता को कोई पुनर्भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह एक प्रतीक्षा अवधि है जिसके पहले ईएमआई का पुनर्भुगतान फिर से शुरू हो जाता है। आम तौर पर, चुकौती ऋण के वितरण के बाद शुरू होती है और भुगतान हर महीने करना पड़ता है। हालांकि, मोराटोरियम पीरियड के चलते कुछ समय बाद भुगतान शुरू हो जाता है।

शिक्षा ऋण यह सुविधा प्रदान करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि शिक्षा ऋण छात्रों द्वारा कमाई शुरू करने के बाद चुकाया जाता है। उनकी पढ़ाई पूरी करने और नौकरी मिलने में समय लग सकता है। इसलिए मोराटोरियम पीरियड का प्रावधान किया गया है।

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अधिस्थगन अवधि के भीतर ऋण चुकाने के लाभ

यदि किसी ग्राहक के पास तरलता है, तो उन्हें अधिस्थगन का विकल्प नहीं चुनना चाहिए। ऋण राशि चुकाने की सलाह दी जाती है क्योंकि अधिस्थगन अवधि के दौरान भी ऋण राशि पर ब्याज मिलता रहता है। चुकाने से ब्याज लागत कम करने में मदद मिलती है।

आरबीआई के ईएमआई अधिस्थगन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न - FAQs




  1. किन कर्जदाताओं को RBI की EMI स्थगन की पेशकश करने की अनुमति है?

    स्थगन को क्षेत्रीय बैंकों, ग्रामीण बैंकों और छोटे वित्त बैंकों सहित किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा बढ़ाया जा सकता है। यह सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) द्वारा भी पेश किया जा सकता है। कोई भी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान अधिस्थगन की पेशकश कर सकता है।


  2. क्या ईएमआई कटौती अपने आप टाल दी जाएगी या कर्ज लेने वाले को इसका विकल्प चुनना होगा?

    आरबीआई ने बैंकों को यह तय करने की अनुमति दी है कि वे अपने ग्राहकों को स्थगन कैसे देना चाहते हैं। कुछ बैंक आपको अधिस्थगन के लिए 'ऑप्ट इन' करने का अनुरोध करने के लिए कहते हैं, जिसके बिना यह समझा जाता है कि आप अपने सामान्य पुनर्भुगतान चक्र को जारी रखना चाहते हैं। कुछ अन्य बैंकों ने कुछ उत्पादों के लिए अधिस्थगन प्रस्ताव को एक डिफ़ॉल्ट विकल्प के रूप में निर्धारित किया है, इसलिए यदि आप अपने पुनर्भुगतान चक्र को अपरिवर्तित रखना चाहते हैं, तो आपको योजना से 'ऑप्ट आउट' करने का अनुरोध करना होगा।


  3. कर्जदार कब तक ईएमआई मोराटोरियम ऑफर का विकल्प चुन सकता है?

    ऋण राशि काटे जाने से तीन दिन पहले।


  4. क्या यह ईएमआई की छूट है?

    यह छूट नहीं है, बल्कि ईएमआई को इस तरह से टालना है कि चुकौती अवधि और देय तिथियां अधिस्थगन की समाप्ति से 3 महीने तक बढ़ा दी जाती हैं।


  5. क्या अधिस्थगन में ऋण के ब्याज और मूलधन दोनों घटक शामिल हैं?

    हां, मोराटोरियम में आपकी ईएमआई का ब्याज और मूलधन दोनों शामिल हैं।


  6. आरबीआई की मोहलत कब से लागू है?

    स्थगन उन ऋणों पर लागू होता है जो 1 मार्च 2020 तक बकाया हैं।


  7. मैं ऋण अधिस्थगन का विकल्प कैसे चुन सकता हूँ?

    यदि आपके बैंक ने आपको अधिस्थगन प्रस्ताव का लाभ उठाने के लिए अनुरोध करने की सलाह दी है, तो आप इसकी वेबसाइट पर जा सकते हैं या अपने बैंक द्वारा साझा किए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं और योजना का विकल्प चुनने के लिए उसमें एक फॉर्म भर सकते हैं। आप इस अनुरोध को उठाने के लिए बैंक भी जा सकते हैं। यदि आपके बैंक ने आपके द्वारा लिए गए ऋण के प्रकार के लिए डिफ़ॉल्ट विकल्प के रूप में अधिस्थगन निर्धारित किया है, और आप योजना का लाभ नहीं उठाना चाहते हैं, तो आपको बैंक की वेबसाइट पर जाना होगा और योजना से बाहर निकलने के लिए एक फॉर्म भरना होगा।




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Hinglish Version:

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Corona vaayaras mahaamaaree ke maddenajar logon ke lie ek raahat upaay ke roop mein, bhaarateey rijarv bank (rbi) ne tarm-lon aur credit card punarbhugataan par teen maheene kee mohalat dee. Rinn dene vaale sansthaanon ko is adhisthagan yojana ka vikalp chunane vaale apane graahakon kee EMI ko sthagit karane ka nirdesh diya gaya tha. lekin moraatoriyam kya hai aur yah kaise kaam karata hai? chalo ek nazar dalen.

Ek adhisthagan gatividhi ka ek asthaayee nilamban hai jab tak ki bhavishy kee ghatanaon ke nilamban ya sambandhit muddon ko uthaane ke vaarant ko hal nahin kiya jaata hai. asthaayee vitteey kathinaiyon ke javaab mein aksar adhisthagan adhiniyamit kiya jaata hai.

Moraatoriyam kaise kaam karata hai?

Saamaany dinacharya ko baadhit karane vaale sankat kee pratikriya mein aksar sthagan prabhaavit hota hai. bhookamp, baadh, sookha ya beemaaree ke prakop ke baad, sarakaar ya kendreey baink dvaara kuchh vitteey gatividhiyon par aapaatakaaleen rok dee ja sakatee hai. saamaany sthiti lautane par ise hata liya jaata hai.

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Moraatoriyam ka udaaharan kya hai?



Corona vaayaras mahaamaaree: upanyaas vaayaras (kovid -19) ka prakop, jisane 180 se adhik deshon mein ek laakh se adhik logon ko sankramit kar diya, kaee deshon ne apane kasbon aur shaharon mein taalaabandee laagoo kar dee. atyadhik sankraamak beemaaree ne vaishvik baajaaron ko hilaakar rakh diya aur arthavyavasthaon ko mandee kee or le gaya. 23 maarch ko bhaarat sarakaar ne is vaayaras se nipatane ke lie poore desh mein lokadaun kar diya tha. is kadam se behisaab naukaree chalee gaee, udaanen, tren aur bas sevaon ke saath-saath vyavasaayon par bhee asar pada. sthiti ka jaayaja lete hue aur asthaayee vitteey kathinaee ke javaab mein, 27 maarch, 2020 ko RBI ne kaha ki bainkon aur hausing phainens kampaniyon sahit sabhee udhaar dene vaale sansthaanon ko apane karjadaaron ko tarm lon par teen maheene kee mohalat denee hogee. sthagan 1 maarch aur 31 maee, 2020 ke beech dey sabhee kishton ke bhugataan ke lie tha. rbi ke anusaar, adhisthagan ke tahat aasthagit kishton mein ukt avadhi ke beech girane vaale nimnalikhit bhugataan shaamil honge:

a) mooladhan aur/ya byaaj ghatak;
b) bulet chukautee;
c) samaan maasik kishten (EMI);
d) kredit kaard bakaaya.

Yes Bank sthagan: 5 maarch, 2020 ko RBI ne yas baink par 30 din kee mohalat lagaee. sthagan kee sharton ke tahat, is avadhi ke dauraan baink ke graahakon dvaara jama nikaasee kee seema 50,000 rupaye prati vyakti thee.

Ek adhisthagan avadhi kya hai?



Ek adhisthagan avadhi ek rinn avadhi ke dauraan ka samay hai jab udhaarakarta ko koee punarbhugataan karane kee aavashyakata nahin hotee hai. yah ek prateeksha avadhi hai jisake pahale EMI ka punarbhugataan phir se shuroo ho jaata hai. aam taur par, chukautee rinn ke vitaran ke baad shuroo hotee hai aur bhugataan har maheene karana padata hai. haalaanki, moraatoriyam peeriyad ke chalate kuchh samay baad bhugataan shuroo ho jaata hai.

Shiksha rinn yah suvidha pradaan karate hain. aisa isalie hai kyonki shiksha rinn chhaatron dvaara kamaee shuroo karane ke baad chukaaya jaata hai. unakee padhaee pooree karane aur naukaree milane mein samay lag sakata hai. isalie moraatoriyam peeriyad ka praavadhaan kiya gaya hai.

Adhisthagan avadhi ke bheetar rinn chukaane ke laabh

yadi kisee graahak ke paas taralata hai, to unhen adhisthagan ka vikalp nahin chunana chaahie. rinn raashi chukaane kee salaah dee jaatee hai kyonki adhisthagan avadhi ke dauraan bhee rinn raashi par byaaj milata rahata hai. chukaane se byaaj laagat kam karane mein madad milatee hai.

RBI ke EMI adhisthagan par aksar poochhe jaane vaale prashn



  1. Kin karzdaataon ko RBI ki EMI sthagan ki peshakash karane ki anumati hai?

    Sthagan ko kshetreey bainkon, graameen bainkon aur chhote vitt bainkon sahit kisee bhee vaanijyik baink dvaara badhaaya ja sakata hai. yah sahakaaree bainkon aur gair-bainking vitteey kampaniyon (nbfch) dvaara bhee pesh kiya ja sakata hai. koee bhee akhil bhaarateey vitteey sansthaan adhisthagan kee peshakash kar sakata hai.


  2. Kya EMI katauti apne aap taal dee jaegee ya karj lene vaale ko isaka vikalp chunana hoga?

    RBI ne bainkon ko yah tay karane kee anumati dee hai ki ve apane graahakon ko sthagan kaise dena chaahate hain. kuchh baink aapako adhisthagan ke lie opt in karane ka anurodh karane ke lie kahate hain, jisake bina yah samajha jaata hai ki aap apane saamaany punarbhugataan chakr ko jaaree rakhana chaahate hain. kuchh any bainkon ne kuchh utpaadon ke lie adhisthagan prastaav ko ek difolt vikalp ke roop mein nirdhaarit kiya hai, isalie yadi aap apane punarbhugataan chakr ko aparivartit rakhana chaahate hain, to aapako yojana se opt aaut karane ka anurodh karana hoga.


  3. Karjdaar kab tak EMI moraatoriyam ophar ka vikalp chun sakata hai?

    Rinn raashi kaate jaane se teen din pahale.


  4. kya yah EMI kee chhoot hai?

    Yah chhoot nahin hai, balki EMI ko is tarah se taalana hai ki chukautee avadhi aur dey tithiyaan adhisthagan kee samaapti se 3 maheene tak badha dee jaatee hain.


  5. kya adhisthagan mein rinn ke byaaj aur mooladhan donon ghatak shaamil hain?

    Haan, moraatoriyam mein aapakee EMI ka byaaj aur mooladhan donon shaamil hain.


  6. RBI kee mohalat kab se laagoo hai?

    Sthagan un rinnon par laagoo hota hai jo 1 maarch 2020 tak bakaaya hain.


  7. Main rinn adhisthagan ka vikalp kaise chun sakata hoon?

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